क्या अयोध्या में मोदी सरकार राम मंदिर के अलावा अन्य धर्मों के स्थल बनवाने का प्लान बना रही है?

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन किया जाना हैं. पीएम मोदी भूमि पूजन में शामिल होने वाले हैं हालांकि अभी तक इस बार पीएमओ की तरफ से कोई बयान नहीं आया हैं. ट्रस्ट ने बताया कि सामान्य स्थितियों में मंदिर तीन से साढ़े तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा. वहीं पिछले दिनों मीडिया में दावा किया जा रहा था कि मंदिर में एक सर्वधर्म समभाव केंद्र भी बनाया जाएगा.

लेकिन इसे लेकर ट्रस्ट के सदस्य और पीएम मोदी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रह चुके नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर 18 जुलाई को हुई बैठक के दौरान बातचीत नहीं हुई. बताया जा रहा है कि बैठक के बाद ट्रस्ट के कुछ सदस्य ऋषभदेव जैन मंदिर गए थे.

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इसी बीच कहा जा रहा है कि अयोध्या को सरकार तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करना चाहती है. इसी क्रम में अयोध्या में सिख और जैन तीर्थस्थलों को भी संवारे जाने पर भी विचार किया जा रहा हैं.

इंडिया टुडे के पत्रकार बनबीर सिंह ने कहा कि अयोध्या स्थित गुरुद्वारा हेमकुंड में सिखों की काफी आस्था है. माना जाता है कि गुरु नानक देव, गुरु तेगबहादुर और गुरु गोबिंद सिंह अयोध्या आए थे. इस दौरान सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह ब्रह्मकुंड गुरुद्वारे में रहे.

बताया जाता है कि ऋषभदेव का जन्म भी अयोध्या में ही हुआ था और वो यहां के राजा भी रहे. इसी कारण ऋषभदेव जैन मंदिर जैन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का केंद्र है. इनके अलावा तीन-चार और तीर्थंकरों का जन्म भी अयोध्या में हुआ है.

इसी को देखते हुए अयोध्या में जैन और सिखों के धार्मिक स्थलों को विकसित करने पर चर्चा जोर पकड़ती जा रही हैं. हालांकि अभी तक इस मामले को लेकर कुछ भी साफ नहीं हुआ है.

बता दें कि अयोध्या में रामजन्मभूमि, ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा और ऋषभदेव जैन मंदिर तीनों स्थल एक किलोमीटर के दायरे में आते हैं. ऐसे में राम मंदिर के निर्माण के साथ सरकार गुरुद्वारे और जैन मंदिर को भी प्रमोट कर सकती हैं. इसके जरिए सरकार सिखों में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर सकती हैं.

वहीं अध्योधा में राम जन्मभूमि की जगह पर बौद्ध धर्म की ओर से कई बार दावे किये जाते रहे हैं. कहा जाता हैं कि भगवान बुद्ध कई सालों तक अयोध्या में रहे थे. ऐसे में देखना यह है कि अयोध्या में बौद्ध धर्म को लेकर सरकार का रवैया कैसा रहता हैं.

साभार- लल्लनटॉप

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