Vaibhav Chaturvedi

बीजेपी में शामिल हुआ अपहरण का आरोपी, पूर्व आईएएस ने कसा तंज बोले- बहुत आगे तक जाएगा

यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले है. 2022 में होने वाले इन चुनावों के लिए तैयारियां जोरो से चल रही है. इसी बीच सूबे की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने तेजी से नए सदस्य जोड़ने का काम शुरू कर दीया है. इसी कड़ी में संत ककबीरनगर के वैभव चतुर्वेदी ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. चतुर्वेदी के बीजेपी ज्वाइन करने पर जमकर हंगामा हो रहा है और लोग सवाल खड़े कर रहे है.

दरअसल, बीजेपी में शामिल होने वाले वैभव चतुर्वेदी कई मामलों में आरोपी है. वैभव पर जालसाजी, अपहरण और अवै’ध शराब तस्करी जैसे कई कई आरोप लगे हुए है.

मोदी जी के मुकुट में एक और रत्न?

वहीं दूसरी तरफ उनका भाजपा में स्वागत करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उन्हें समाजसेवी बताया है. इसी के बाद से ही सोशल मीडिया पर वैभव के बीजेपी में शामिल होने पर सवाल उठ रहे है. सवाल करने वालों में आम लोगों से लेकर कई पूर्व आईएएस व अन्य अधिकारी भी शामिल है.

bjp leader Vaibhav Chaturvedi

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने भी ट्वीट करके वैभव को बीजेपी में शामिल किये जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि बड़ा प्रभावशाली बायोडाटा है. इनके गुणावगुण देखकर तो ऐसा लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी यह बहुत आगे तक जाएंगे.

वहीं पूर्व आईएएस के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर भी वैभव के बीजेपी में शामिल होने पर खूब प्रतिक्रियाएं देते नजर आए.

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हरजीत नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि देश के जितने भी बला’त्कारी, खूनी और गुंडे मौजूद हैं वो सभी लोग बीजेपी की गोद में बैठे हैं और जब तक वो बीजेपी की गोद में बैठे है उनपर कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा. उनपर कोई ईडी, सीबीआई का केस नहीं होता लेकिन वो बीजेपी छोड़ दे तो सारी धाराएं लग जाती है.

वहीं हंसराज सिंह नाम के यूजर ने पूर्व आईपीएस के ट्वीट पर कमेंट करते हुए लिखा कि इधर से अप’राधी डालो और उधर से देशभक्त निकलेगा. वहीं संदीप नाम के यूजर लिखता है कि मोदी जी के मुकुट में एक और रत्न जड़ गया है, इसमें आश्चर्य कैसा.

आपको बता दें कि वैभव चतुर्वेदी को 10 जनवरी, 2020 को अवैध शराब के मामले में संतकबीर नगर की खलीलाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद वो 17 जनवरी को बस्ती के जेल से रिहा हुए.

इसके अलावा बीजेपी नेता वैभव पर कूटरचित अभिलेख तैयार करके प्रभा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बिधियानी खलीलाबाद का रजिस्ट्रेशन किये जाने का आरोप भी है. इसके आलावा पिछले साल उनके खिलाफ 12 अप्रैल को एक अपहरण केस भी दर्ज हुआ था.

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