डॉ कफील की बेगुनाही पर यूपी में सियासत, SP बोली यह सरकार के मुँह पर तमाचा तो प्रियंका ने कहा…

यूपी के गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सिजन कां’ड के बाद चर्चा में आए डॉ. कफील खान पर रासुका के तहत कार्रवाई करके जेल में डाल दिया गया था. सात महीने के लंबे संघर्ष के बाद कफील खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से इंसाफ मिल ही गया हैं. हाई कोर्ट ने कफील पर लगे रासुका और रासुका की अवधि को बढाए जाने को अवैध करार देते हुए डॉ. खान की तुरंत रिहाई के आदेश जारी किये हैं.

इसके बाद से ही यूपी की योगी सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई हैं. समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर हम’ला बोलते हुए कोर्ट के फैसले को दम’नकारी सत्ता के मुंह पर करारा तमाचा करार दिया है.

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हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए समाजवादी पार्टी ने कहा कि डॉ. कफील की रिहाई करने का हाईकोर्ट का आदेश यूपी की दमनकारी और अ’त्याचारी सत्ता के मुंह पर करारा तमाचा है. दं’भी यह बात भूल जाते हैं कि कोर्ट इंसाफ के लिए ही खोले गए हैं.

इतना ही नहीं सपा ने सीएम से माफ़ी मांगने की मांग भी की हैं, उन्होंने कहा हैं कि राजनीतिक लाभ लेने और नफरत की राजनीतिक के तहत की गई इस अवैध कार्रवाई के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ माफी मांगें.

वहीं ओमप्रकाश राजभर ने अपने ट्वीट में कहा कि आज इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा डॉ. कफील खान की रिहाई का आदेश देकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है.

उन्होंने लिखा कि योगी सरकार अ’पराध रोकने की जगह पुलिस द्वारा धनउगाही करने में जुटी हुई हैं. सरकार और पुलिस मिलकर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय को झूठे मामलों में फंसाकर सिर्फ परेशान कर रही है, यह बहुत ही शर्मनाक हैं.

आपको बता दें कि डॉ. कफील द्वारा सीएए के विरुद्ध चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान अलीगढ मुस्लिम युनिवर्सिटी में भाषण दिया था जिसे यूपी सरकार ने भड़’काऊ बताते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. वहीं कोर्ट ने कहा कि कफील का भाषण किसी भी तरह से भड़’काऊ या हिं’सा या नफरत बढ़ाने वाला नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय अखंडता और नागरिकों के बीच एकता बढ़ाने वाला था.

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