अयोध्या तो पहली झांकी है और ये दो कौ’ड़ी के ढांचे पर छा’ती ठोकने वाले समझें…पाकिस्तान को खाकिस्तान बना देंगे…

अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वं’स के 28 साल पुराने केस में लखनऊ की सीबीआई विशेष अदालत ने इस मामले में आरोपी सभी 32 लोगों को बरी कर दिया है. सरकार में बैठे कई बड़े बड़े नेताओं ने यहां इस फैसले का स्वागत किया हैं, वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस मामले में बरी हुए कई नेता आज भी विवादित बयान देने से चुक नहीं रहे है. ऐसा ही कुछ एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान भी देखने को मिला.

आयोध्या केस में आरोपी रहे आचार्य धर्मेंद्र ने एक लाइव डिबेट के दौरान एंकर के सवाल पर कहा कि आप बाबरी ढांचे की बात करते हैं, हम तो पाकिस्तान को जहन्नु’म रसीद करना चाहते हैं और बांग्लादेश को मिलाकर एक बार फिर से भारत को अखं’ड बनाना चाहते हैं.

acharya dharmendra

आचार्य धर्मेंद्र इतने पर भी नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए भारत सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि हमारा ल’क्ष्य है भारत माता की प्रतिमा को फिर से अखं’ड बनाना.

उन्होंने आगे कहा कि यह दो कौड़ी के ढां’चे पर छा’ती पी’ट’ने वालों को यह जरुर समझ लेना चाहिए कि हम लोग जब तक भारत माता को अखं’ड नहीं बना लेते, जब तक पाकिस्तान को खाकिस्तान में नहीं मिला लेते, बांग्लादेश को हिंदुस्तान में नहीं मिला लेते, तब तक हमारा यह मिशन पूरा नहीं होने वाला हैं.

वहीं इसी बीच जब न्यूज 24 चैनल के एंकर मानक गुप्ता ने आचार्य धर्मेंद्र से सवाल किया कि अयोध्या मामले में फैसला आते ही आपने मथुरा-काशी की अगली बारी है जैसे विवादित बयान देने शुरू कर दिए?

इस पर जवाब देते हुए आचार्य ने कहा कि इसमें कोई नई बात नहीं हैं, जब बाबरी का ढांचा टूटा था तो इसके बाद सारे देश के रामभक्तों के बीच यह नारा गूंजा था कि यह तो पहली झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी हैं. यह नई बात नहीं यह यह हमारा पुराना संघर्ष है.

वहीं सभी आरोपियों को बरी करने के कोर्ट के फैसले को आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने गलत बताया है. वरिष्ठ सदस्य एवं अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने कहा कि विशेष सीबीआई अदालत का फैसला पूरी तरह से गलत है. कोर्ट ने सबूतों को दरकिनार करते हुए यह फैसला सुनाया है. मुस्लिम पक्ष इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगा.

साभार- जनसत्ता

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