एक मामूली निवेश की शुरुआत से खड़ा किया 800 करोड़ का साम्राज्य, सूर्य की रोशनी से किया जा रहा करोड़ों का क़ारोबार

20-25 साल की उम्र में अधिकतर लोग अपने करियर को लेकर चिंतित रहते हैं. इस उम्र में ज्यादातर लोग अपनी पढाई पूरी आरके अच्छी नौकरी की तलाश में लगे रहते है लेकिन कुछ युवा इसी उम्र में अपनी दूरदर्शिता और काबिलियत की दम से कंपनी खड़ी कर देते है और करोड़ों रुपये के मालिक बन जाते हैं. ऐसे ही एक प्रतिभाशाली और सेल्फ मेड करोड़पति के बारे में आज हम बात करने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी सफलताओं के झंडे लहरा दिये हैं.

निधि गुप्ता जिन्होंने 800 करोड़ के टार्नओवर वाली कंपनी खड़ी कर ली हैं. निधि ने अपने भाई के साथ मिलकर बिना किसी बड़ी डिग्री, बिना भारी वित्तीय सहायता या खास विशेषज्ञता के यह सफलता हासिल की हैं.

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निधि का जन्म राजस्थान के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था, उनके पिता राज्य वन विभाग में साधारण कर्मचारी हैं. कम मासिक आय के बाद भी उनके पिता ने कभी अपने बच्चों की देखभाल में कोई कमी नहीं की. डूंगरपुर के छोटे कस्बे से आने वाली निधि को उनके माता-पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया.

निधि ने अपने भाई के साथ मिलकर साल 2011 में खुद का कारोबार शुरू करने की योजना बनाई. लेकिन कम संसाधनों में खुद का कारोबार शुरू करना एक बेहद चुनौती वाला काम था पर उन्होंने हिम्मत नहीं हा’री. निधि ने 1,37,000 रूपये की पूंजी के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया.

उन्हें बीकानेर में 4 बीघे जमीन पर एक 250 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने का काम मिला. निधि ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के व्यवसायियों को अपना ग्राहक बनाया. सोलर प्रजोक्ट पर काम करते हुए निधि ने नोटिस किया कि लोग कर में छुट से पाने के लिए सौर प्रोजेक्ट में निवेश के इच्छुक होते है.

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इसी के बाद निधि ने इसी दिशा में अपना फोकस रखा और इसी के साथ आज निधि की कंपनी सौर प्रोजक्ट लगाने वाली एक बड़ी कंपनी बन चुकी हैं. निधि कहती है कि अगर हमारे पाक कोई ऐसा प्रोजेक्ट आता है जिसमें 10 निवेशक है तो हम उनकी तरफ से जमीन खरीदते है और निवेशकों के बीच इसे बराबर बांट देते है.

निधि ने बताया कि सोलर प्रोजेक्ट में निवेश की सबसे खास बात यह है कि यदि कोई 6 करोड़ रूपये के एक मेगावाट प्रोजेक्ट में निवेश करता है तो उसे चार साल में उसका निवेश वापस मिल जाता है. इतना ही नहीं अगले 25 वर्षों तक उसे बिजली उत्पादन से होने वाली आय में हिस्सा भी दिया जाता है.

निधि ने बिजनेस को शुरू करने में आई चुनौती के बारे में बताया कि उन्हें यहां-वहां कई यात्राएं करना पड़ता है और दिन-रात काम करना होता है. निधि ऑफिस में कर्मचारियों के सामने अपने भाई को राहुल सर कहती हैं और यह भाई-बहन की मेहनत का ही नतीजा है कि कंपनी ने पहले साल ही 2 करोड़ का टर्नओवर हो गया और आज यह 800 करोड़ पर पहुंच गया हैं.

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