गोवा ट्रिप: गोवा जाएँ तो इन पेशेवर धोखेबाजों और इनके ये तरीकों से रहें सावधान

भारतीय लोग अक्सर जब भी घुमने के लिए जाते है तो वह गोवा को पहली प्राथमिकता देते है. लेकिन क्या आप जानते है कि गोवा में कई चीजें ऐसी है जो सामान्य तौर पर तो दिखाई नहीं देती है लेकिन हैं जरुर. गोवा में बीच और सस्ती अंग्रेजी शराब के साथ कुछ पेशेवर धोखेबाज भी होते है जो आप को ठगते है और आप को पता भीं नहीं चलने देते है.

ऐसे ही कुछ घोटाला का खुलासा किया मोहित गोसाईं नाम के एक शख्स ने जो की ट्रिपोटो के लिए काम करते है. तो चलिए मोहित के साथ चलते है गोवा ट्रिप पर और जानते है उनका अनुभव.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एकाधिकार (मोनोपली)

आप गोवा बस, ट्रेन या फ्लाइट से आए यहां कदम रखते ही पहले घोटाला पब्लिक ट्रांसपोर्ट का चुभता है. मैं मडगांव स्टेशन पर उतरा वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए अपने होटल पालोलेम की तरफ जाना था जो करीब 35 किलोमीटर की दूरी है और इस दुरी के लिए दिल्ली में 500-600 रुपये में उबर, ओला मिल जाती है.

mandgao

मैं जैसे ही मडगांव पर उतरा, गवर्नमेंट एप्रूव्ड प्रीपेड टैक्सी वाले ने 1200 मांगे जो मेरे अनुमान से दो गुनी थी. फिर मैंने ऑटो के बारे में सोचा लेकिन गोवा सरप्राइज करेगा. ऑटो वाले ने 800 रु मांगे. जबकि दिल्ली में 22रु किलोमीटर के हिसाब से मैं ड्राइवर के साथ लक्ज़री गाड़ी में घूम सकता हूँ. दरअसल यहां डिमांड ज्यादा है और सप्लाई कम.

इससे निपटने के लिए थोड़ा हल्का बैग लेकर चले और बस का सफर चुनें जो गोवा घुमने के लिए सबसे सस्ता साधन है. दूसरा तरीका है बाकि पर्यटकों पर नजर रखे जिनके साथ आप टैक्सी शेयर कर सकते हो.

नियंत्रित कैश का बहाव

गोवा में एक और प्रॉब्लम है और वो है कैश. यहां ATM बहुत ही कम हैं और खासकर कि साउथ गोवा में तो और भी कम है. स्थानीय लोग कार्ड से पेमेंट लेना पसंद नहीं करते है. ऐसे में जो ATM हैं उन पर या तो कैश नहीं होता या लम्बी लाइन लगी होती है.

case

ऐसा क्यों होता है यह बताया एक ऑटो वाले, उसने कहा कि ऐसा नहीं है कि बैंक यहां ATM खोलना नहीं चाहते लेकिन यहां के लोग ही खुलने नहीं देते है. जगह-जगह कैश एक्सचेंज पॉइंटस बने हुए है, यह लोग कैश पर 3 से 5 प्रतिशत का कमीशन कमाते हैं और यह सब सिर्फ फॉरेनर्स के लिए है हमें तो ATM ही ढूंढना होगा. इससे निपटने के लिए आवश्क कैश साथ लेकर चलें.

पेट्रोल माफिया

कैश की तरह यहां पेट्रोल, डीज़ल की दिक्कत तो नहीं है लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन का नेटवर्क जरुर ऐसा है कि प्रॉब्लम आती है. जहां पर सबसे ज़्यादा पर्यटक आते हैं लेकिन सिर्फ 110 काम करते हुए पैट्रॉल पंप हैं जिसमें से ज़्यादा नार्थ और सेंट्रल गोआ में मौजूद है.

petrol pump

पटनम के एक वेटर ने बताया कि यहां के लोग मेहनत वाला काम करना पसंद नहीं करते है. इसलिए यहां घर से प्लास्टिक बोतल में पेट्रोल बेचा जाता है, जिसके लिए लाइसेंस की ज़रूरत भी नहीं. जो 65 रु लीटर को आराम से 70-75 रु लीटर बेचते हैं.

ऐसे में अगर आप अपनी ट्रिप को बेहतर प्लेन कीजिए और एक ही बारी में हिसाब से थोड़ा ज़्यादा पेट्रोल अपनी स्कूटी और गाड़ी में भरवाएं. इसलिए गोवा में अपने आंख और कान खुले रखें और हमेशा सतर्क रहिये और जो आपको लूटना चाहते हैं उनसे बच कर रहिए.

साभार- Tripoto

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