saudi arabia

सऊदी अरब इस देश के नागरिकों को नौकरी से निकाल कर भेज रहा वापस अपने देश, गहराया मानवीय सं’क’ट

ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि सऊदी अरब में काम करने वाले यमन के लोगों को यमन वापस लौट जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इसके साथ ही सऊदी सरकार से अपील करने हुए HRW ने यमनी कर्मचारियों की छटनी बंद करने के लिए कहा है. HRW ने अपनी रिपोर्ट में मानवीय संक’ट बढ़ जाने की संभावनाएं भी जताई है.

आपको बता दें कि यमन में इस समय हालात काफी चिंताजनक है, देश में गृहयुद्ध के हालात बने हुए हैं. यहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के बीच संघर्ष लगातार जारी है.

यमन कर्मचारियों की छंटनी

इसी को देखते हुए यूनाइटेड नेशंस ने भी यमन संक’ट को गंभीरता से लेने की बात करते हुए इसे दुनिया का सबसे खराब मानवीय सं’कट करार दिया है.

saudi deportation

वहीं अपनी रिपोर्ट में HRW ने बताया है कि सऊदी अरब के अधिकारियों द्वारा यमन कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू नहीं किया जा रहा है, यमन कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट ख’त्म किये जा रहे है. सऊदी सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग HRW द्वारा की गई है.

HRW ने कहा है कि सऊदी सरकार को यमन के लोगों को सऊदी अरब से नहीं भागना चाहिए. HRW में यमन के रिसर्चर अफरा नासर ने इस मामले को लेकर हैरान कर देने वाले खुलासे किये है.

उन्होंने बताया कि सऊदी अधिकारीयों द्वारा यमन के कर्मचारियों को धमकी दी जा रही है. उन्हें अधिकारी प्रभावी रूप से यमन में चल रहे संघर्ष और मानवीय सं’कट के बीच जबरन वापस यमन भेजने की धमकी दे रहे है.

न्यूज़ एजेंसी एएफपी ने इस मामले को लेकर सऊदी अधिकारीयों से HRW की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क साधा लेकिन अधिकारीयों ने कोई जवाब नहीं दिया. वहीं यमन सरकार के 2020 के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो करीब 20 लाख यमनी लोग सऊदी अरब में काम करते हैं.

आपको बता दें कि यमन में जारी गृह’यु’द्ध से अब तक 10 हज़ार से अधिक लोग अपनी जा’न गवां चुके है, वहीं लाखों लोग इसकी वजह से विस्थापित हुए है. यूनाइटेड नेशंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यमन के करीब 24 लाख लोगों को तुरंत मदद की आवश्यकता हैं.

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