यूपी: जय श्री राम का नारा नहीं लगाने पार कैब ड्राइवर आफताब आलम की ह#त्या, मृ’त’क के बेटे ने लगाया कई आरोप

मॉ’ब लिं’चिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. कैब चलाने वाले एक मुस्लिम शख्स की जिला गौतम बु’द्ध नगर के बादलपुर थाना क्षेत्र में पीट-पीट कर ह’त्या कर दी गई. घटना रविवार रात की बताई जा रही है, मुस्लिम शख्स बुलंदशहर से लौटते वक्त कथित तौर पर भी#ड़ का शिकार हो गया. मृ’तक के बेटे का आरोप है कि उसके पिता की मॉ’ब लिं’चिं’ग की गई है. वहीं पुलिस इस मामले में मॉ’ब लिं’चिंग नहीं हुई है.

पुलिस के मुताबिक यह मॉ’ब लिं’चिं’ग नहीं है बल्कि एक आप’राधिक घटना है. वहीं मृ’तक की पहचान आफ़ताब आलम के नाम से हुई है और वह मकान नंबर 143, ब्लॉक 35 त्रिलोकपुरी थाना मयूर विहार फ़ेस वन दिल्ली का निवासी बताया जा रहा है.

Aftab alam

पिछले कई सालों में दिल्ली-एनसीआर में कैब ड्राइवर्स के साथ लूटपाट और उनकी ह#त्या के कई मामले देखने को मिले है. पत्रकारों से बात करते हुए आफ़ताब आलम के बेटे मोहम्मद साबिर ने कहा कि मेरे पापा एक यात्री को लेकर गुड़गांव से बुलंदशहर गए थे.

जब वो उन्हें छोड़कर वापस आ रहे थे तभी दो-तीन लोग आगे तक छोड़ने की बात बोलकर जबरन गाड़ी में बैठ गए. जब पापा को कुछ श’क सा हुआ तो उन्होंने मुझे कॉल करके चालू मोबाइल जेब में रख लिया. वो लोग दा’रू पी’ने की बात कर रहे थे.

वो लोग कह रहे थे कि तू मोहम्मडन है, हमारे वहां भी दस-दस लोग मोहम्मडन हैं, तू दा’रू नहीं पीयेगा. साबिर ने बताया कि मैंने उनके फोन से आ रही आवाज़ को रिकॉर्ड भी किया है. साबिर ने कहा कि मैं मयूर विहार थाना गया यहां सब इंस्पेक्टर संजय जी ने मेरी मदद की. उन्होंने बताया कि मेरे पापा का सि’म चित्ता’ड़ा में बंद हुआ है.

उन्होंने स्थानीय सिकंदराबाद और दा’दरी पुलिस थाने में कॉल करके गाड़ी का नंबर देकर खोजने के लिए कहा. जब हम वहां पहुंचे तो बादलपुर थाने से 4 किमी आगे हमारी गाड़ी खड़ी हुई थी. इसके बाद जब हम हॉस्पिटल पहुंचे, वहां मेरे पिता को मृ#त घो’षि’त कर दिया गया.

मोहम्मद साबिर ने बताया कि पुलिस ने पंचनामा में यह दर्ज नहीं किया है कि यह मॉ’ब लिंचिं’ग का केस है. साथ ही फ़ोन नंबर भी नहीं लिखा है. मैं मेरे पिता को इंसाफ दिलाना चाहता हूं. मैंने सुना कि मेरे पिता से जबरदस्ती जय श्री राम के नारे लगवा गए थे.

इसके बाद किसी चीज से मा#र कर उनका गला दबाकर ह#त्या कर दी गई. मुझे इंसाफ़ चाहिए. साबिर ने बादलपुर थाने में तहरीर दी है कि उनके पिता के पर्स में मौजूद एटीएम और 3500 रुपये और उनके दोनों मोबाइल फ़ोन थे जो अब तक नहीं मिले है.

वहीं इस मामले को लेकर सत्य हिन्दी से बात करते हुए बादलपुर के थानाध्यक्ष एएसआई राजीव कुमार ने कहा कि अभी तक की जांच में यह घटना मॉ’ब लिंचिं’ग नहीं लग रही है. इस घ’टना को अंजाम देने वाले श’रा’ब पि’ए थे और उन्होंने एटीएम और कैश भी लूटा है. इसलिए यह एक  आपराधिक घटना ही है.

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