VIDEO: कपिल मिश्रा ने कंगना रनौत के मुस्लिम वकील पर उठाई उंगली, एक्टर ने मिश्रा को दिया करारा जवाब

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत और शिवसेना के बीच पिछले कई दिनों से चल रही जुबानी जं’ग अब काफी बड़े ममाले में बदल चुकी है. ट्वीटर पर शुरू बहस बाजी के बीच शिवसेना के बहुमत वाली BMC ने कंगना के पाली हिल्स इलाके में स्थित ऑफिस के कथित अवै’ध हिस्से पर बु’ल्डोज’र चला दिया. जिसके बाद कंगना लगातार महाराष्ट्र सरकार और सीएम उद्धव ठाकरे पर हम’ला वर हो रही हिया. उन्होंने बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा भी ख’टख’टाया है.

जहां से उन्हें स्टे भी मिल गया. बता दें कि कंगना का केस हाईकोर्ट में मुंबई के टॉप लॉयर रिज़वान सिद्दीकी लड़ रहे हैं. सिद्दीकी को सेलिब्रिटी लॉयर भी कहा जाता है. इससे पहले वो तमाम सेलिब्रिटीज का मुकदमा लड़ चुके हैं. रिज़वान सिद्दीकी का नाम कई नामी हस्तियों के केस लड़ने से जुड़ा रहा है.

arnab rizwan

उनकी गिनती मुंबई के टॉप वकीलों में होती है. वो इससे पहले भी कंगना रनौत के लिए केस लड़ चुके हैं. वो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और प्रियंका चोपड़ा के वकील भी रहे है. जब मार्च 2018 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी का केस रिज़वान ल’ड़ रहे थे, तब उन्हें ठाणे क्राइम ब्रांच ने कॉल रिकॉर्ड लीक करने के मामले में गिरफ्तार भी किया था.

रिजवान पर आरोप था कि उन्होंने नवाज़ के कहने पर उनकी पत्नी के कॉ’ल रिकॉ’र्ड निकलवाने का प्रयास भी किया था. हालांकि बाद में उनकी गिरफ्तारी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अ’वै’ध बताते हुए उन्हें रिहा कर दिया था. इससे पहले वो कंगना के लिए ऋतिक रोशन से हुए वि’वा’द में भी केस ल’ड़ चुके है.

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कंगना के वकील को लेकर सवा’ल उठाए है. उन्होंने ट्वीट करके कंगना रनौत को नसीहत देते हुए लिखा था कि कंगना रनौत जी को इस खबर पर ध्यान देने की जरूरत है. कंगना का वकील अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने वाला रिजवान सिद्दीकी है.

इतना ही नहीं रिजवान अर्नब के खिलाफ गवाह बनने के लिए मुंबई पुलिस को पत्र तक लिख चुका है. इसके आलावा रिजवान ने सफूरा जरगर के सपोर्ट में भी अभियान चलाया हैं. जिस पर कंगना ने रिजवान सिद्दीकी का बचाव किया था.

कंगना ने लिखा कि मैं जानती हूं रिजवान सिद्दीकी जी और मेरी आईडियोलॉजी मेल नहीं खाती है. मेरा स्नेह और भरोसा पाने के लिए उनका मेरे जैसा होना आवश्यक नहीं है. मुझे तो सिर्फ अपने काम के प्रति उनकी निष्ठा चाहिए जो रिजवान में कूट-कूट कर भरी है. हमारा धर्म और संस्कृति हमें दूसरों के विचारों का सम्मान करना सिखाते हैं.

साभार- जनसत्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *