पीएम केयर्स फंड: जानिए कितना पैसा इकट्ठा हुआ और कहां-कहां हुआ खर्च, विवादों के बीच आधिकारिक वेबसाइट दिये जवाब

पीएम केयर्स फंड को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आज इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने आज पीएम केयर्स फंड का पैसा पीएम राहत कोष या एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने की याचिका को ख़ारिज कर दिया हैं. इस फंड को लेकर शुरू से ही विवाद रहे हैं, राजनीतिक पार्टियां लगातार इस पर सवाल उठाती रही हैं. दरअसल यह सवाल तब उठे जब यह जानकारी मिली कि इस फंड की जांच सीएजी नहीं कर सकता है.

सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक अखबार की क्लिपिंग को शेयर करते हुए तंज कहा- बेईमान का अधिकार. आपको बता दें कि अख़बार की क्लिपिंग में दावा किया गया हैं कि आरटीआई पर पीएम केयर्स फंड के बारे में जानकारी देने से माना कर दिया गया हैं.

Pm care fund

वहीं राहुल गांधी के इस ट्वीट पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए उन्होंने उन्हें प्रिंस ऑफ इन्कॉम्पिटेंस (अक्षम राजकुमार) कहा. नड्डा ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने पीएम केयर्स को लेकर एक भ्रामक खबर फैला कर जनता को गुमराह करने का नापाक प्रयास किया हैं.

उन्होंने राहुल पर झूठी और मनगढंत खबरें फ़ैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल का करियर सिर्फ और सिर्फ फेक न्यूज पर आधारित है.

वहीं पीएम केयर्स फंड को लेकर उठते सवालों और विवादों के बीच उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर कुछ सवालों के जवाब दिये गए हैं. वेबसाइट ने बताया है कि पीएम केयर्स में कितने पैसे इकट्ठा हुए और उनका कहां-कहां उपयोग किया गया हैं.

पहला सवाल- पिछली वित्तीय वर्ष के दौरान पीएम केयर्स फंड में कितना पैसा जमा हुआ है? जिसके जवाब में बताया गया है कि साल 2019-20 के दौरान पीएम केयर्स को 3076.62 करोड़ रुपया दान में मिला हैं.

दुसरा सवाल है- बीते साल के दौरान इस फंड में कितना पैसा विदेशी करेंसी के रूप में मिला हैं? जिसके जवाब में बताया गया है कि पीएम केयर्स को 39.68 लाख रुपया विदेशी करेंसी में मिला हैं.

अगला सवाल हैं- पीएम केयर्स फंड का पैसा कहां-कहां इस्तेमाल किया गया हैं? और इसके जवाब में बताया गया है कि 1- 2000 करोड़ रुपए से देश में 50 हजार वेटिंलेटर का निर्माण करा कर देश भर के सरकारी अस्पतालों में बांटे गए हैं. वहीं 1 हजार करोड़ रुपये प्रवासी मजदूरों पर खर्च किया गया हैं, जबकि वैक्सीन बनाने के लिए 100 करोड़ रुपया दिया गया.

साभार- एनडीटीवी

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