Afghanistan Taliban

क्या है तालिबान, जिस ने अफगानिस्तान पर किया कब्ब्जा? जानिए कौन है इसके टॉप 5 कमांडर

अफगानिस्तान पर तालिबान ने अपना कब्जा जमा लिया है १५ अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान पर अपने कब्जे का ऐलान किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबानी लड़ाकों ने धावा बोला. जिसके चलते अफगानी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति देश छोड़कर भाग निकले. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आ रहे है जिनमें अफगानी अपने सामान के साथ तजाकिस्तान ओर ईरान की तरफ भागते नजर आए.

आपको बता दें कि अफगानिस्तान पर पहले सोवियत संघ का कब्जा था, लेकिन 90 के दशक में समझौते के बाद सोवियत संघ की सेना वापस चली गई. कहा जा है की इसी दौरान तालिबान का जन्म हुआ. तालिबान शब्द का पश्तो भाषा में अर्थ होता है- छात्र.

hibatullah

खास तौर पर ऐसे छात्र जो कट्टरपंथी लड़ाके है और अपने कमांडर और संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर के ईशारों पर काम करते है. उस दौर में यह संगठन इतना मजबूत नहीं हुआ करता था. तालिबान ने 1995 में अपने पैर फैलाए और साल भर में काबुल की सत्ता पर तालिबान ने अपना कब्ज़ा जमा लिया था.

तालिबान ने धीरे-धीरे अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों पर हथिया लिया. लेकिन साल 2001 में अमेरिका में आतं’की हम’ला हुआ और पूरी दुनिया की नजर तालिबान की तरह गई. इसके बाद अफगानिस्तान में अमेरिकी हस्तक्षेप शुरू हुआ और तालिबान को अफगानिस्तान छोड़कर भागना पड़ा.

तालिबान के शीर्ष पांच कमांडर

हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा

तालिबान लीडर मुल्ला मंसूर अख्तर के 2016 में अमेरिका के ड्रोन ह’मले में मौ’त के बाद हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा को तालिबान का नेता चुना गया. अब संगठन के सभी मुख्य फैसले हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा के द्वारा लिए जाते है. कहा जाता है कि सभी तरह के मज़हबी मामले यही देखता हैं.

मुल्ला याकूब

मुल्ला याकूब तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का बेटा है. याकूब तालिबान के विदेशों में चलने वाले ऑपरेशन की बागडोर संभालता है. अलजज़ीरा की खबर के अनुसार याकूब अभी अफगानिस्तान में ही है.

सिराजुद्दीन हक्कानी

सिराजुद्दीन हक्कानी मुजाहिदीन कमांडर जलालुद्दीन हक्कानी का बेटा है जो हक्कानी नेटवर्क को चलता है. इसी के जरिए तालिबान को पैसे और हथियार उपलब्ध करवाए जाते है.

मुल्ला अब्दुल घनी बरादार

तालिबान के सह-संस्थापक अब्दुल घनी बरादार फ़िलहाल राजनीतिक संगठनों की जिम्मेदारी उठा रहा है. सोवियत के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने वाले तालिबान लड़ाकों में अब्दुल घनी भी शामिल रहा था. घनी सैन्य रणनीति और हमलों की रणनीति तैयार करता है.

शेर मोहम्मद अब्बास स्टैनिकजई

अफगानिस्तान से 2001 में तालिबान सरकार के हटने से पहले शेर मोहम्मद स्टैनिकजई डिप्टी मिनिस्टर हुआ करता था. शेर मोहम्मद ने लंबा वक्त दोहा में बिताया. इसने अफगानिस्तान सरकार को सत्ता से हटने की चुनौती दी थी.

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