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‘लव जिहाद’ कानून को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने ऐसा क्या देखा जो किसी और को नहीं दिखा

गुजरात हाई कोर्ट ने लव जिहाद के एक मामले में एक सराहनीय काम किया है जो अब तक न किसी हाई कोर्ट्स ने किया था और न ही सुप्रीम कोर्ट कर पाया था. बाकि कोर्ट्स ने धर्म परिवर्तन विरोधी कानूनों को लेकर राज्य सरकारों को सिर्फ कारण बताओ नोटिस दिये थे. लेकिन गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है जिसकी खूब तारीफ हो रही है.

बता दें कि राज्यों ने धर्म परिवर्तन को लेकर जो कानून बनाए है उनका मूल उद्देश्य जव जिहाद को रोकना है. यूपी, एमपी और दुसरे कई राज्यों में भी धर्म परिवर्तन विरोधी कानूनों को चुनौतियां दी गईं लेकिन कहीं भी हाई कोर्ट्स से कोई अंतरिम राहत नहीं मिल सकी.

मौलिक अधिकार का हनन

लेकिन 19 अगस्त को गुजरात हाई कोर्ट ने एक गंभीर अंतरिम आदेश जारी करके उन प्रावधानों पर रोक लगा दी है जो शादी के लिए अपनी मर्जी से धर्म बदलने पर लागू किये गए थे. इस आदेश को चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस बीरेन वैष्णव की बेंच ने दिया था.

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गुजरात हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद इंटरफेथ शादियों में फ़िलहाल के लिए गिरफ्तारी के मामलों पर कुछ रोक लग जाएगी. गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) एक्ट, 2021 में कुछ नए प्रावधान जोड़े गए है जिससे इंटरफेथ शादियों के लिए धर्म परिवर्तन बैन किया जा सके.

नए नियमों के मुताबिक अब धर्म बदलने से पहले स्थानीय अधिकारीयों से मंजूरी लेना होगा. हाईकोर्ट के जजों ने इस मामले पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है. कोर्ट ने इस प्रावधान को निजता और मौलिक अधिकारों का हनन माना है.

चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वैष्णव ने 2021 के संशोधन को मौलिक अधिकारों का हनन महसूस किया है. इससे पहले धर्म परिवर्तन विरोधी कानून में बल प्रयोग, या प्रलोभन देकर या धोखाधड़ी से किसी का धर्म बदलवाना प्रतिबंध था और कानूनी अपराध था.

लेकिन इस नए संशोधन के बाद विवाह द्वारा या किसी व्यक्ति से शादी करके, या किसी व्यक्ति को शादी करने में मदद करके धर्म बदलना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.

आदेश में कहा गया है कि पहली नजर में यह संशोधन गैरकानूनी धर्म परिवर्तन की एक नई श्रेणी बनता नजर आ रहा है. ऐसा जरूरी नहीं कि इसमें व्यक्ति का लैक ऑफ च्वाइस हो यानी शादी करने के लिए व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म बदल सकता है. लेकिन अब इसे अपराध बनाने की कोशिश की जा रही हैं.

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