मध्य प्रदेश उपचुनाव प्रचार में ज्योतिरादित्य सिंधिया का हुआ जमकर विरोध, बीच में भाषण छोड़ भागना पड़ा

मध्यप्रदेश में जल्द ही विधानसभा की 27 सीटों पर उपचुनावों होने वाला है. इसके लिए बिगु’ल बज चूका है, कोरोना काल के बीच प्रशासन भी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है. राजनीतिक पार्टियों की सक्रियता बढ़ने लगी है, सत्ताधारी बीजेपी भी धुंआधार चुनाव प्रचार में लग गई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद चुनावी मैदान में उतर आए है और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रैलियां करने में लगे हुए है.

लेकिन नए-नए बीजेपी में आए सिंधिया का चुनावी प्रचार बीजेपी के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. दरअसल सिंधिया जहां पर भी प्रचार के लिए पहुंच रहे है उन्हें वहीं भारी विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है. सिंधिया इन दिनों सूबे के ग्वालियर-चंबल अंचल में सक्रिय नजर आ रहे है.

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लेकिन सिंधिया को कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम देने पर भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा ही उनके साथ मुरैना में हुआ. पंजाब केसरी की रिपोर्ट्स के अनुसार सूबे के मुरैना में 73 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन व करीब 194 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया जाना था.

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे थे. इसी बीच यहां पर सिंधिया के आगमन का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया. इतना ही नहीं सड़कों पर सिंधिया को काले झंडे भी दिखाए गए.

बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का विरोध होता देख मध्यप्रदेश पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई और विरोध करने वाले कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश मावई समेत करीब पांच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और अन्य कार्यकताओं को मौके से खदेड़ने का प्रयास भी किया.

वहीं हिरासत में लिए गए लोगों पर आरोप है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान गद्दार सिंधिया, वापस जाओ जैसे नारे लगाए. वहीं इससे पहले अंबाह से भी सिंधिया को विरोध का सामना करना पड़ा. साथ ही पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भी उनका जमकर विरोध किया, हालात ऐसे हो गए थे कि उन्हें भाषण बीच में छोड़कर जाना पड़ा.

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