सपनों का आधुनिक घर:- प्रकुति की गोद में बने, मॉडर्न वास्तुकला का शानदार उदाहरण है ये घर

घर एक ऐसी जगह होना चाहिए जहां आप सुकून से रहे और खुद को सुरक्षित महसूस करें और जब चुनौतियों से भरा दिन ख’त्म हो जाए तो आप रात आराम के साथ बिता सके. लेकिन आज के समय में घर की यह परिभाषा बदलने लगी है. 20वीं सदी की विधियों और सामग्रियों ने वास्तुकारों को ऐसी जगहों पर घर बनाने का मौका भी दिया है जहां पहले काफी रहना मुश्किल नजर आता है. लेकिन आज ऐसे एकांत इलाकों में रहने में भी ग्राहक रूचि रखते है.

ऐसी ही कुछ अलग तरफ के घरों के बारे में हाउसेज: एक्स्ट्राऑर्डिनरी लिविंग में बात की गई हैं. चलिए ऐसे ही कुछ खास घर हम आपको बताते है.

ग्राहम हाउस: कनाडा

कनाडा के मशहूर वास्तुकार आर्थर एरिक्सन और ज्यॉफ्री मैसे द्वारा डिजाइन किया गया यह घर पश्चिमी तट पर बना हुआ है. इसका निर्माण पश्चिमी वैंकूवर की उबड़-खाबड़ पहाड़ी चट्टान पर हुआ. लकड़ी की बीम और कांच से बना यह घर 1963 में बन कर तैयार हो गया था.

grahm house

इस चार मंजिला घर का प्रवेश द्वार सबसे ऊपरी मंजिल पर दिया गया, हर मंजिल पर खुली जगह छोड़ी गई ताकि प्रशांत महासागर को जहां से देखा जा सके. इस घर को 2007 में ध्वस्त कर दिया गया.

एजलैंड हाउस: अमरीका

वास्तुकार बर्सी चेन स्टूडियो ने एजलैंड हाउस को टेक्सास के ऑस्टिन में बनाया. इसका निर्माण शुरू करने से पहले ज़मीन में उन्होंने 2 मीटर गहरी खुदाई की. इसकी टर्फ छत और ज़मीन में सात फीट तक धंसी इमारत घर में तांक-झांक करने का मौका नहीं देती है. इसकी खास बात यह है कि यह सर्दियों में गर्म रहता है और गर्मियों में ठंडा. इसका निर्माण कार्य 2012 में संपन्न हो गया था.

pit house

हाउस ऑन द क्लिफ़: स्पेन

वास्तुकार पाब्लो गिल और जैमे बार्टोलोम ने ग्रेनाडा में एक खड़ी पहाड़ी ढलान पर मिट्टी और चट्टानों में धंसे इस घर तैयार किया. वास्तुकारों ने इसे समकालीन गोडीसेक गुफा कहा था. यह कथन उन्होंने कैटलन आधुनिकतावाद के सबसे बड़े वास्तुकार अंटोनी गोडी (स्पेन) के सम्मान के तौर पर कही थी.

modern house in a cave

इस दो मंजिला घर को 2015 में तैयार किया गया था, इसका तापमान हमेशा 19.5 डिग्री सेल्सियस बना रहता है. इसके लिए धरती की कुदरती ठंडक का उपयोग किया जाता है. इसकी छत धातु के घुमावदार फ्रेम पर कंक्रीट के दो स्तर से निर्मित की गई है. इसके ऊपर जस्ते की टाइलें लगाई गई हिया. इस घर का छत दूर से देखने पर ड्रैगन की खुरदुरी खाल जैसा लगता है.

ड्रैगस्पेल हाउस: स्वीडन

ओवरे ग्ला झील के किनारे देवदार की लाल लकड़ी से 19वीं सदी के आख़िर में बनाए गए इस घुमावदार केबिन को ड्रैगस्पेल नाम दिया गया है जिसका अर्थ स्वीडिश में अकॉर्डियन यानि वाद्य यंत्र होता हैं. इस घर का दृश्य प्रभाव बहुत कम है जिसका कारण खिड़कियां का बाहरी आवरण में छिपा होना है.

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इस घर का आकार ग्लसकोजन संरक्षित क्षेत्र की ख़ूबसूरती से काफी घुल-मिल गया है. गर्मियों में केबिन के अगले हिस्से को झील की धारा के ऊपर बनाए गए केंटिलीवर तक बढ़ाया जा सकता है जो इस घर की खास खूबी हैं.

खिडकियों से पानी की कल-कल साफ सुनाई देती है. बारिश या सर्दियों के मौसम में इसे यहां से वापस समेटा जा सकता है और फिर सही मौसम होने पर वापस तैयार किया जा सकता है. इस घर को मेहमानों की संख्या के अनुरूप छोटा-बड़ा भी किया जा सकता हैं.

मालाटोर हाउस: वेल्स

सेना के पुराने बैरक को वास्तुकार दंपत्ति जान कैप्लिकी और अमांडा लेवटे ने मालाटोर हाउस में बदला दिया. इसे टेलीटबी हाउस के नाम से भी जाना जाता है.

Malator House

दो कमरों वाला यह आरामदायक घर पेम्ब्रोकशायर तट पर कृत्रिम पहाड़ी में धंसा कर बनाया गया है. इसे 1998 में बनाकर तैयार कर दिया गया था. इसकी प्लाईवुड छत पर घास लगा दी गई है जिससे बाहर से देखने पर पता ही नहीं चलता कि यहां कोई भी हैं.

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