जमीयत उलेमा ए हिंद अध्यक्ष ने सरकार को चे’ताया बोले- उत्तर प्रदेश में क़ुर्बानी को लेकर चल रही पुलिस प्रशासन की तानाशाही और मनमानी को रोके सरकार नहीं तो….

ईद-उल-अजहा करीब आ चूका है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते जारी लॉकडाउन ने पर्व के उत्साह को कुछ फीफा कर दिया है. इसके आलावा लॉकडाउन बकरीद पर कुर्बानी में भी बड़ी बाधा बना हुआ है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोरोना बीमारी का हवाला देते हुए कड़ी पाबंदियां लगा रखी है जिससे मुस्लिम समाज में निराशा देखने को मिल रही हैं. इसी बीच जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना क़ारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं.

मंसूरपुरी ने देश के विभिन्न हिस्सों और खास तौर पर उत्तर प्रदेश में कुर्बानी को लेकर पुलिस-प्रशासन द्वारा की जा रही तानाशाही और अ’त्या’चार पर आक्रोश जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि इस्लाम में कुर्बानी का धार्मिक महत्व है और इसमें किसी भी तरह की बाधा खड़ी नहीं की जानी चाहिए.

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उन्होंने बताया कि यूपी के कई क्षेत्रों से जमीयत को लिखित तौर पर शिकायतें मिल रही हैं कि पुलिस उनके जानवरों को पकड़ कर ले जा रही हैं. इसके आलावा बहराइच, गाज़ीपुर, गाज़ियाबाद जैसे जिलों में प्रशासन ने बड़े जानवरों की क़ुर्बानी पर रोक लगा दी है.

इस तरह की शिकायत और खबरें देश के कई भागों से सामने आ रही है. जगह-जगह कुर्बानी में रुकावटें उत्पन्न करने के समाचार मिल रहे है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस ने किस कानून और अधिकार के तहत बड़े जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाया है और वो ऐसा किसके इशारे पर कर रही हैं?

पुलिस के इस तरह के अ’त्याचा’रों की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं सरकारें उन्हें तुरंत रोके. उन्होंने कहा कि बकरीद को लेकर जारी गाइडलाइन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जनता द्वारा किया जा रहा है. मुस्लिम नेता तथा संस्थाएं लोगों को जागरूक करने में भी लगी हुई हैं.

लेकिन गाइडलाइन में जब बड़े जानवर की क़ुर्बानी पर प्रतिबंध जैसी कोई बात दी ही नहीं तो फिर पुलिस प्रशासन अपनी मनमानी करते हुए हमारे धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप क्यों कर रहा हैं? अगर पुलिस अपने यह मनमर्ज़ी के आदेश-नियम थोपती है तो इसके परिणाम बहुत गंभीर और नकारात्मक हो सकते हैं.

अध्यक्ष जमीयत उलमा ए हिंद ने चेताया कि अगर सरकार ने वक्त रहते इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो देश में अशां’ति और दं’गों की परिस्थितियां बन सकते है और इसके लिए ज़िम्मेदार सिर्फ़ और सिर्फ़ सरकार होगी. इसके साथ ही उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर उनके क्षेत्र में कुर्बानी को लेकर या पुलिस अ’त्याचा’र जैसी कोई भी परेशानी है तो जमीयत को लिखित में सूचना दें.

साभार-  जी न्यूज़

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