बकरीद को देखते हुए दारुल उलूम देवबंद ने सरकार के सामने रखी यह पांच मांगे, कहा- कुर्बानी की जगह…

देश भर में कोरोना वायरस का संक्र’मण तेजी से बढ़ रहा है. कोरोना महामारी के चलते देश भर में कई पाबंदियां लगाई गई हैं. इसी बीच अगले कुछ हफ्तों में कई बड़े त्यौहार आने वाले हैं जिनकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. बकरीद और रक्षाबंधन जैसे बड़े त्यौहार भी करीब ही हैं लेकिन लॉकडाउन और कोरोना के चलते इनकी चमक कुछ फीकी रहने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता हैं. इसके साथ ही कई तरफ के प्रतिबंध त्यौहार को और फीफा कर रहे हैं.

इसी बीच देवबंद ने सरकार के सामने कुछ मांगे रखी हैं. दरअसल देश में बकरीद यानी ईद-उल-अजहा का त्योहार 31 जुलाई को मनाया जाना हैं. इसी को देखते हुए दारुल उलूम देवबंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी पांच मांगें रखी हैं.

Darul Deoband

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दारुल उलूम ने सीएम योगी से जानवरों की बिक्री पर लगी रोक हटा’ने और कुर्बानी की इजाजत देने की बात कहीं हैं. दारुल उलूम देवबंद के प्रवक्ता मुफ्ती अशरफ उस्मानी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने सीएम को खत लिखकर उसके समक्ष अपनी सारी मांगे रख दी हैं.

साथ ही उन्होंने बताया कि फिलहाल सूबे में जानवरों की बिक्री पर सरकार ने रोक लगा रखी हैं. पत्रिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीएम से देवबंद ने आग्रह किया है कि त्योहार को देखते हुए जानवरों की बिक्री पर लगी रोक को ह’टा दिया जाए. इसके साथ ही मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज़ अदा करने की छुट दी जाए.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सूबे में वर्तमान में शनिवार-रविवार को जो लॉकडाउन लगाया जाता हैं उसे मंगलवार और बुधवार को कर दिया जाए. जानवरों की बिक्री के साथ साफ-सफाई के साथ मार्केट लगाने की परमिशन मांगी गई हैं, जिससे लोग आराम से जानवर खरीद सके.

साथ ही पुरे राज्य में कुर्बानी की इजाजत दी जाए जैसे हर साल मिलती रही है. उस्मानी ने कहा कि राज्य में सभी बाजार खुले हुए हैं, शॉपिंग मॉल्स भी खुले हैं तो ऐसे में मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने की शर्त को समा’प्त कर दिया जाए.

उन्होंने कहा कि मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाए क्योंकि एक इबादत के बदले दूसरी इबादत नहीं की जा सकती हैं. नमाज के बदले जकात और जकात के बदले नमाज या हज नहीं है. इसलिए कुर्बानी की जगह पैसा गरीबों में देना किसी भी तरह से सही नहीं होगा.

साभार- पत्रिका

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